Tactical Movement: Vistaar Mein Jankari

Tactical Movement: Vistaar Mein Jankari 1. Definition (Pari-bhasha) Dushman ke ilake mein ek jagah se doosri jagah tak surakshit pahunchne ke liye, jo dhang aur rules (principles) ek team ya toli apnati hai, use Tactical Movement kehte hain. Iska mukhya uddeshya dushman ki nazaron se bachkar apne mission ko pura karna hota hai. 2. Tactical Movement ke Fayde (Benefits) Command & Control: Commander apni toli par behtar niyantran rakh sakta hai. Suraksha: Dushman ki nazar aur achanak hamle (Ambush) se bacha ja sakta hai. Counter Ambush: Agar dushman hamla kare, to turant palatwar (Pratighat) karne ki kshamta rehti hai. Coordination: Jawano ke beech aapsi talmel (Mutual Support) bana rehta hai. 3. Tactical Movement ke Sidhant (Principles) Yahan aapke dwara bataye gaye points ka sankshipt vivaran hai: Sl. No Point Description 1 Order of Movement Ismein Scout, Section Commander, 2I/C aur baaki jawano ka kram (sequence) tay hota hai. 2 Observation Scout 1 & 2 aage ka 180^\circ area de...

भारत के प्रमुख वन्यजीव अभ्यारण्य

🔶 भारत के प्रमुख वन्यजीव अभ्यारण्य


☑️वन्य जीवों की विलुप्त होती संख्या को देखते हुए उनके संरक्षण के लिए भारत सरकार ने अनेकों वन्य जीव अभ्यारण्य और राष्ट्रीय उद्यान बनाये हैं भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान सन 1936 में बनाया गया था जिसका नाम हेली नेशनल पार्क था जिसे अब जिम कोर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना जाता है। तो आइए देखते है कि भारत के प्रमुख वन्यजीव अभ्यारण्य कौन कौन से हैं।

✅ पलामू (बतेला) अभ्यारण्
🔶पलामू व्याघ्र आरक्षित वन झारखंड के छोटा नागपुर पठार के पलामू ज़िले में स्थित है । यह 1974 में बाघ परियोजना के अंतर्गत गठित प्रथम 9 बाघ आरक्षों में से एक है। 
🔶जिसमें पलामू वन्यजीव अभ्यारण्य का क्षेत्रफल 980 वर्ग किलोमीटर फैले भारत के सबसे पुराने टाईगर रिजर्व में से एक बेतला राष्ट्रीय पार्क है जिसे पूर्व में पलामू टाईगर रिजर्व के नाम से जाना जाता था ।
🔶 यहां बड़ी संख्या में बाघ , तेंदुआ , जंगली भालू , बंदर , सांभर , नीलगाय,जंगली सुअर, हाथी, मोर और चीतल आदि जानवर पाए जाते हैं।

✅दाल्मा वन्यजीव अभ्यारण्य
दाल्मा अभ्यारण्य झारखंड के जमशेदपुर , राँची और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया के बीच बसा पूर्वी भारत के एक प्रमुख वन्यजीव अभ्यारण्य है 
🔶इस अभ्यारण्य को खास तौर पर हाथियों के संरक्षण के लिये चुना गया है।  3000 फीट की ऊँचाई पर स्थित तथा 193 वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभ्यारण्य का उदघाटन स्वर्गीय संजय गाँधी ने किया था । 
🔶यहाँ पर जंगली जानवरों को नज़दीक से देखने के लिए अनेक जगह विशेष रूप से बनाए गए है जहाँ से पर्यटक आसानी से जंगली जानवर  को देख सकते हैं । 
🔶यहाँ पर पर्यटकों के ठहरने के लिए टाटास्टील तथा वन विभाग द्वारा गेस्ट हाउस का भी निर्माण किया गया है । यहां का प्रमुख वन्यजीव हाँथी, हिरण, तेंदुआ, सांभर, जंगली सुअर है।

✅हजारीबाग वन्यजीव अभ्यारण्य
हजारीबाग में पर्यटक वन्यजीव अभ्यारण्य की सैर कर सकते हैं । 
🔶यह बहुत विशाल और खूबसूरत है। 1955 में स्थापित यह अभ्यारण्य 186 वर्ग कि.मी. में फैला हुआ है। अपनी खूबसूरती के लिए इसे पूरे विश्व में जाना जाता है । 
🔶यहां पर पर्यटक विभिन्न प्रजातियों के पेड़ – पौधों और जीव – जन्तुओं को देख सकते हैं। इसके निर्माण की प्रक्रिया में कई बांध बनाए गए हैं और अधिक का निर्माण किया जा रहा है । इसका उद्देश्य पानी का नहर बनाना है जहां जानवर गर्मियों में पानी पी सकते हैं ।

✅कैमूर वन्यजीव अभ्यारण्य
बिहार के कैमूर जिले में, भभुआ शहर के पास स्थित है । यह राज्य का सबसे बड़ा अभ्यारण्य है और लगभग 1,342 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है । बिहार सरकार ने इसे टाइगर रिजर्व में विकसित करने की योजना बनाई हैं। 
🔶यहां कुछ झरने और झीले भी हैं। यह 70 प्रजातियों के निवासी पक्षियों के लिए एक निवास स्थान है। सर्दियों में प्रवासी पक्षियों के आगमन के दौरान आप अधिक प्रजातियों के पक्षियों को देख पाएंगे । 
🔶कालीधा और अनुपम झील में मछलियां पाई जाती हैं । इस वन्यजीव अभ्यारण्य में पाए जाने वाले मुख्य जानवरों में बाघ, तेंदुआ, जंगली सुअरों, भालू , सांभर हिरण, चीतल, चौसिंगा और नीलगाय शामिल हैं

✅गिर राष्ट्रीय उद्यान
🔶पश्चिमी भारत के गुजरात में स्थित बाघ संरक्षित क्षेत्र और वन्यजीव अभयारण्य है। इसे एशियाई शेरो की रक्षा करने के लिए बनाया गया था। गिर नेशनल पार्क का कुल क्षेत्रफल 545 वर्ग मील है, जिसमें से 100 वर्ग मील पूरी तरह से राष्ट्रीय उद्यान और 445 वर्ग मील वन्यजीव अभ्यारण्य के रूप में है।
🔶भारत के गिर वन्यजीव अभ्यारण्य गुजरात में राज्य स्थित राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यप्राणी अभ्यारण्य है , जो एशिया में सिंहों का एकमात्र निवास स्थान होने के कारण जाना जाता है। सिंहदर्शन के लिए ये उद्यान एवं अभ्यारण्य विश्व में प्रवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र है । 
🔶वन्य जीवों को संरक्षण प्रदान करने के कई प्रयासों के फलस्वरूप इस अभ्यारण्य में शेरों की संख्या बढकर अब 312 हो गई है । शेर, तेंदुआ, सांबर, जंगली सुअर, और जलपक्षी यंहा की प्रमुख जीव है।

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