GLOSSARY OF MILITARY TERMS - DEF & ATTACK Auth: GS Pamphlet-Army Glossary of Mil Terms (2009)

### **PAARAMPARIK SENA SHABDAWALI (DEF & ATTACK)** **(GLOSSARY OF MILITARY TERMS - DEF & ATTACK)** **Auth: GS Pamphlet-Army Glossary of Mil Terms (2009)** #### **BHUMIKA**  1. Hamari sena vishva ki sabse taakatwar senaon mein se ek hai. Hamari sena ko paramparagat yudh ya CI/CT ilake mein kai abhiyan karne ki zarurat padti hai. In abhiyanon mein zyadatar sabhi arms aur services ko milkar kaam karne ki zarurat padti hai. In abhiyanon mein kai prakar ke tactical shabdon ka prayog kiya jata hai. Is liye zaruri hai ki sabhi ko in shabdon ke matlab ke baare mein achchhi tarah pata ho taki hum abhiyanon ko jaldi aur achchhi tarah se samajh sakein aur sahi karyawahi kar sakein. #### **UDDESH**  2. Def aur attack mein istemal hone wale tactical shabdon ke baare mein jankari dena hai. #### **TARIKA**  3. Is lesson ko do bhagon mein baanta gaya hai:    (a) Bhag - I : Def mein kaam aane wale tactical shabd.    (b) Bhag - II : Attack mein kaam aane wale ta...

GLOSSARY OF MILITARY TERMS


### **पारस्परिक सेना शब्दावली (DEF & ATTACK)**

**(GLOSSARY OF MILITARY TERMS - DEF & ATTACK)**

**संदर्भ: GS Pamphlet-Army Glossary of Mil Terms (2009)**

#### **भूमिका**

 1. हमारी सेना विश्व की सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक है। हमारी सेना को पारंपरिक युद्ध या CI/CT (काउंटर इंसर्जेंसी/काउंटर टेररिज्म) इलाके में कई अभियान करने पड़ते हैं। इन अभियानों में ज्यादातर सभी आर्म्स और सर्विसेज को मिलकर काम करने की आवश्यकता होती है। इन अभियानों में कई प्रकार के टैक्टिकल (सामरिक) शब्दों का प्रयोग किया जाता है। इसलिए, यह आवश्यक है कि सभी को इन शब्दों के अर्थ के बारे में अच्छी तरह जानकारी हो, ताकि हम अभियानों को जल्दी और बेहतर तरीके से समझ सकें तथा सही कार्यवाही कर सकें।

#### **उद्देश्य**

 2. डिफेंस (रक्षा) और अटैक (आक्रमण) में इस्तेमाल होने वाले टैक्टिकल शब्दों के बारे में जानकारी प्रदान करना।

#### **तरीका**

 3. इस पाठ (Lesson) को दो भागों में बांटा गया है:

   (a) भाग - I : डिफेंस (Def) में काम आने वाले टैक्टिकल शब्द।

   (b) भाग - II : अटैक (Attack) में काम आने वाले टैक्टिकल शब्द।

### **भाग - I : डिफेंस में काम आने वाले टैक्टिकल शब्द**

 4. **Field of Fire:** यह हथियार के सामने का वह इलाका है, जिसमें उस हथियार का असरदार फायर डाला जा सकता है।

 5. **Arc of Fire:** वह जमीनी क्षेत्र जिसके लिए कोई फायर यूनिट या हथियार जिम्मेदार होता है और जिसमें उसे टारगेट (TGT) को एंगेज करने की जिम्मेदारी होती है। आर्क ऑफ फायर, फील्ड ऑफ फायर का ही एक हिस्सा है।

 6. **Primary Arc of Fire:** यह आर्क ऑफ फायर का वह हिस्सा है जिसमें फायर यूनिट या हथियार की पहली जिम्मेदारी का इलाका होता है। इसमें:

   (a) फिक्स्ड लाइन (Fixed Line) लगाई जाती है।

   (b) इस इलाके में दुश्मन के आने की संभावना अधिक होती है।

 7. **Secondary Arc of Fire:** यह आर्क ऑफ फायर का दूसरा जिम्मेदारी वाला इलाका है, जिसमें यदि प्राइमरी आर्क पर दुश्मन नहीं है, तो एंगेज किया जाता है। सेकेंडरी आर्क, सब-यूनिट या हथियार के बगल वाले हथियार या फायर यूनिट का प्राइमरी आर्क ऑफ फायर होता है।

   *(नोट: एक हथियार का प्राइमरी और सेकेंडरी आर्क ऑफ फायर ओवरलैप होना जरूरी है।)*

 8. **Mutual Support:** हर सेक्शन पोस्ट, प्लाटून और डिफेंस लोकेशन को इस मुताबिक साइट (site) करना चाहिए कि वह अपने फ्रंटेज के अलावा दाहिने या बाएं वाली पोस्ट या लोकेशन को फायर से मदद कर सके। उनके बीच के गैप को इस तरह फायर से कवर किया जाए कि यदि दुश्मन उन गैप में दाखिल होकर यूनिट या सब-यूनिट पर हमला करने की कोशिश करे, तो बगल वाली यूनिट या सब-यूनिट के फायर से उसे बर्बाद किया जा सके।

 9. **Enfiladed Fire:** किसी हथियार का फिक्स्ड लाइन से किया गया ऐसा फायर, जिसे इस तरह साइट किया गया हो कि वह टारगेट को लंबाई या चौड़ाई से एक सिरे से दूसरे सिरे तक फिक्स्ड लाइन पर फायर डाल सके।

 10. **Defiladed Position:** वह पोजीशन जो दुश्मन के फ्लैट ट्रैजेक्टरी हथियारों और निगरानी से किसी प्राकृतिक रुकावट (जैसे पहाड़ी, उठी हुई जमीन या कटाव) से बचाव देती हो, उसे डिफिलाइडेड पोजीशन कहते हैं।

 11. **Main Position:** वह पोजीशन जहां से हथियार या फायर यूनिट द्वारा अपने प्राइमरी टास्क को पूरा किया जाता है।

 12. **Alternate Position:** यह किसी गन या मोर्टार के लिए पहले से रेकी (Recce) की हुई और तैयार की गई पोजीशन होती है, जिससे हम उसी टास्क को पूरा करते हैं जिसे हम प्राइमरी पोजीशन से कर रहे थे (सामान्यतः तब, जब प्राइमरी पोजीशन में दुश्मन का कोई दखल हो जाए)।

 13. **Secondary Position:** पहले से रेकी, प्लान और यदि संभव हो तो तैयार की गई वह पोजीशन, जहां से कोई हथियार/सब-यूनिट अपना सेकेंडरी टास्क पूरा करती है। यह सामान्यतः तब ऑक्यूपाई की जाती है जब दुश्मन से अपनी मेन पोजीशन को छिपाना हो या दुश्मन को धोखा देना हो।

 14. **Contingency Position:** यह डिफेंसिव लड़ाई में पहले से तैयार की गई वह पोजीशन है, जहां एक सब-यूनिट या यूनिट दुश्मन की अचानक हरकत (सरप्राइज) होने पर, जिसके लिए मेन पोजीशन तैयार नहीं है, विफलता को रोकती है।

 15. **Temporary Position:** किसी फायर यूनिट द्वारा थोड़े समय के लिए ली गई वह पोजीशन जो दुश्मन को धोखा देने और मेन पोजीशन की गोपनीयता बनाए रखने के लिए ली गई हो।

 16. **Alarm Post:** डिफेंस में खुदाई के दौरान, अलार्म पोस्ट हर एक मोर्चे को दर्शाते हैं। कोई भी जमीनी खतरा होने पर इस जगह से जवान अपने टास्क को पूरा करते हैं। यह अपने मोर्चे के आसपास होनी चाहिए और हथियार व उपकरण इस जगह पर रखे जाने चाहिए। दो फीट तक मोर्चा खुदाई हो जाने के बाद अलार्म पोस्ट का इस्तेमाल बंद हो जाता है।

 17. **Defended Post:** ऐसी जगह जिस पर एक छोटी सब-यूनिट (जैसे कि इंफेंट्री सेक्शन) डिफेंस इख्तियार (occupy) करती है, डिफेंडेड पोस्ट कहलाती है। डिफेंडेड पोस्ट आमतौर पर अलग से इख्तियार नहीं की जाती।

 18. **Defended Locality:** वह इलाका जिसको चारों तरफ से बचाव के लिए ट्रूप्स को तरतीब दी गई हो या लगाया गया हो, जैसे कि प्लाटून या कंपनी की डिफेंडेड लोकेशन। इनमें सब-यूनिट इस तरह लगाई जाती है कि वे एक-दूसरे को फायर से मदद कर सकें और गहराई में हों। जिन डिफेंडेड लोकेलिटी के साथ दुश्मन का लगाव पहले होता है, उन्हें फॉरवर्ड (Fwd) डिफेंडेड लोकेलिटी कहते हैं।

 19. **Defended Area:** डिफेंस में जिम्मेदारी का वह इलाका जिसमें कई डिफेंडेड लोकेलिटी ऐसी लगाई गई हों जो आपस में मदद कर सकती हों और गहराई में हों, जैसे बटालियन (Bn) डिफेंडेड एरिया।

 20. **All Round Defence:** फौजी दस्तों को इस प्रकार जमीन पर लगाना कि किसी भी दिशा से आने वाले हमले को नकारा जा सके। यह ऑर्गनाइज्ड (Organised) या साइटेड (Sited) हो सकते हैं:

   (a) **Org for All Round Def:** जब किसी यूनिट या सब-यूनिट को इस तरह लगाया जाए कि उसके ज्यादातर हथियार दुश्मन के ज्यादा संभावित रास्तों को कवर करते हों, लेकिन कुछ फायर किसी भी दिशा से आने वाले हमले को विफल करने के लिए डाला जा सके।

   (b) **Sited for All Round Def:** एक यूनिट को 'साइटेड फॉर ऑल राउंड डिफेंस' तब कहेंगे जब उसके हथियार इस तरह लगाए गए हों जो किसी भी दिशा से आने वाले हमले पर लगभग बराबर मात्रा में फायर डालकर उसे विफल कर सकें।

 21. **Area of Responsibility:** यह वह भू-क्षेत्र है जो कमांडर द्वारा निर्धारित किया जाता है और जिस पर कमांडर को अपना नियंत्रण रखना चाहिए। इसे आगे और गहराई वाले क्षेत्र के रूप में व्यक्त किया जाएगा। इससे दाएं-बाएं की सीमाओं का पता लगना चाहिए। इस क्षेत्र में होने वाली सभी दुश्मन की गतिविधियों की जिम्मेदारी उस कमांडर की होती है।

 22. **Area of Influence:** यह वह क्षेत्र है जिसमें कोई भी कमांडर लड़ाई की प्रगति और नतीजे पर सीधा प्रभाव डाल सकता है। इसके लिए वह सामान्यतः अपनी कमान के अधीन ट्रूप्स और हथियारों का इस्तेमाल करता है। इसका इलाका उस फोर्स के ऑर्गनाइजेशन, उपकरण तथा ट्रेनिंग पर निर्भर करता है। एक इन्फैंट्री बटालियन के लिए एरिया ऑफ इन्फ्लुएंस 7 किमी से 10 किमी की गहराई तक होता है।

 23. **Area of Interest:** यह एक ऐसा क्षेत्र है जो कमांडर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें एरिया ऑफ इन्फ्लुएंस या उसके आसपास का क्षेत्र तथा दुश्मन का वह इलाका भी शामिल है जिसमें हमारे ऑपरेशन्स के ऑब्जेक्टिव हैं। इसमें वह क्षेत्र भी शामिल है जिसमें दुश्मन की सेना तैनात है और जो हमारे मिशन की सफलता में बाधा पैदा कर सकती है।

 24. **Protective Patrol (PP):** यह वह पेट्रोल है जिसका टास्क अपने डिफेंस के बारे में दुश्मन को खबर लेने से रोकना और दुश्मन की हरकत के बारे में अर्ली वार्निंग (EW) देना है। डिफेंडेड पोस्ट और प्रोटेक्टिव पेट्रोल में यह फर्क है कि डिफेंडेड पोस्ट में आखिरी गोली तक लड़ा जाता है, जबकि प्रोटेक्टिव पेट्रोल जरूरत के मुताबिक अपनी जगह बदल सकती है और अपना टास्क पूरा करने के बाद वापस आ सकती है।

 25. **Covering Troops:** वह फौजी दस्ता जिसमें सामान्यतः सभी आर्म्स शामिल होते हैं और जिसको अपनी डिफेंसिव पोजीशन के आगे निगरानी करने, दुश्मन को तंग करने और उसके एडवांस में देरी पैदा करने के लिए लगाया जाता है।

 26. **Screen:** ऐसा फौजी दस्ता जिसमें सामान्यतः सभी आर्म्स शामिल होते हैं, जो किसी जगह पर रहते हुए दुश्मन के अटैक की कार्यवाहियों में ज्यादा से ज्यादा बाधा डालता है। इसका उद्देश्य यह है कि दुश्मन हमारे मेन डिफेंस और रुकावटों की रेकी न कर सके।

 27. **Patrol Base:** पेट्रोल बेस शत्रु के इलाके में या फॉरवर्ड जोन में वह जगह होती है जहां जरूरत पड़ने पर पेट्रोल रुकती है, उसका बचाव करती है और छोटी-छोटी पेट्रोल आगे भेजती है।

 28. **Stay Behind Parties:** ये छोटी-छोटी हरकत करने वाली टुकड़ियाँ हैं जो ऐसे इलाके में बनी रहती हैं जहां दुश्मन सक्रिय हो। इनका टास्क दुश्मन की यूनिट, फॉर्मेशन, विशेष मैकेनाइज्ड फोर्स और आर्टिलरी यूनिट की हरकत के बारे में खबर देना है।

 29. **Mine Field:** वह इलाका जिसमें किसी तरतीब (pattern) से या बिना किसी तरतीब के माइंस बिछी रहती हैं।

 30. **Nest:** यह एक मिक्स्ड डिटैचमेंट है, जिसमें LMG, MMG या अन्य हथियार जैसे एंटी-टैंक हथियार शामिल हैं। इनको माइन फील्ड के अंदर तैनात किया जाता है। इनका कार्य दुश्मन को माइन फील्ड की क्लोज रेकी करने से रोकना और माइन फील्ड क्रॉसिंग के समय उसे परेशान करना व नुकसान पहुंचाना है।

 31. **Spoiling Attack:** यह डिफेंस में लगी हुई यूनिट द्वारा हमलावर दुश्मन पर किया गया अटैक या अटैक का प्रयास है। इसका उद्देश्य दुश्मन के हमले से रक्षा करना, उसे रोकना, तितर-बितर करना या नाकाम करना है। यह सामान्यतः उस समय किया जाता है जब दुश्मन या तो FUP (फॉर्मिंग अप प्लेस) में हो या हमले के लिए इकट्ठा हो रहा हो।

 32. **DF Task (Defensive Fire):** यह पहले से प्लान किया हुआ फायर है जो दुश्मन के हमले की तैयारी को अस्त-व्यस्त करने और हमलावर को बर्बाद करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह तीन किस्म का होता है:

   (a) **DF in Depth:** दुश्मन के गहराई वाले इलाके में किया जाता है ताकि दुश्मन के एडवांस में देरी हो और उसे बर्बाद किया जा सके।

   (b) **DF Close:** फॉरवर्ड डिफेंस के नजदीक सामने की तरफ चुना जाता है ताकि इकट्ठा हो रहे दुश्मन (जैसे FUP में) पर फायर गिराकर उसके अटैक की तरतीब को बिगाड़ा जा सके।

   (c) **DF SOS:** यह क्लोज DF में से वह टास्क है जो सबसे खतरनाक हो। इनका चुनाव दुश्मन के अचानक किए गए हमले (सरप्राइज) को नाकामयाब करने के लिए किया जाता है।

 33. **Counter Attack:** डिफेंस में लगे हुए ट्रूप्स द्वारा किसी विशेष उद्देश्य (जैसे खोई हुई जमीन वापस लेने) के लिए जो हमला किया जाता है, उसे काउंटर अटैक कहते हैं। यह दो किस्म का होता है:

   (a) **Local Counter Attack:** यह बटालियन या यूनिट स्तर पर किया जाता है। इसका उद्देश्य अपने डिफेंस में घुस आए दुश्मन को बाहर निकालना या बर्बाद करना है।

   (b) **Deliberate Counter Attack:** यह डिवीजन या उससे ऊपर के फॉर्मेशन कमांडर के स्तर द्वारा प्लान या कोऑर्डिनेट किया हुआ हमला होता है, जिसमें वह अपने रिजर्व का इस्तेमाल करता है।

### **भाग - II : अटैक में काम आने वाले टैक्टिकल शब्द**

 34. **Concentration Area:** यह वह इलाका है जहां किसी भी ऑपरेशन में हिस्सा लेने वाले ट्रूप्स जमा होकर ब्रीफिंग और रिहर्सल करते हैं। यह इलाका काफी पीछे आर्टिलरी रेंज से बाहर होता है। हमलावर ट्रूप्स यहाँ 24 से 72 घंटे के लिए रुकते हैं।

 35. **Harbour Area:** वह इलाका जिसमें फौजी दस्ते री-ऑर्गनाइजेशन (Re-org), मेंटेनेंस या आराम करने के लिए रहते हैं।

 36. **Assembly Area:** वह इलाका जिसमें हमला करने वाले ट्रूप्स हमले से पहले इकट्ठा होकर मदद देने वाली यूनिट्स और सब-यूनिट्स से तालमेल बिठाकर हमले के लिए तैयार होते हैं। यह जगह शत्रु के संभावित आर्टिलरी टारगेट में नहीं होनी चाहिए। यहाँ अधिकतम 24 घंटे तक रुका जाता है।

 37. **Fwd Assembly Area:** जब असेंबली एरिया और ऑब्जेक्टिव के बीच की दूरी 12-24 घंटे की हो या बीच में कोई बड़ी रुकावट हो, तो निरीक्षण और तालमेल के उद्देश्य से फॉरवर्ड असेंबली एरिया का चुनाव किया जाता है। यहाँ 6 से 8 घंटे रुका जाता है।

 38. **FUP (Forming Up Place):** यह वह एरिया है जहां हमलावर दस्ते असेंबली एरिया छोड़ने के बाद आते हैं और हमले के लिए तरतीब में लग जाते हैं।

 39. **Release Point:** पहाड़ी इलाके में जगह की कमी होने के कारण ट्रूप्स हमले की तरतीब हासिल करने के लिए FUP की जगह रिलीज पॉइंट का चुनाव करते हैं। यहाँ कमांड और कंट्रोल सब-यूनिट को दे दिया जाता है।

 40. **Firm Base:** यह टैक्टिकल अहमियत वाली वह जगह है जहां हमलावर ट्रूप्स हमले से पहले इकट्ठा होते हैं ताकि कमांडर अपनी योजना को लागू कर सके। हमले के दौरान कब्जा की गई जगह आगे के हमले के लिए फर्म बेस का काम करती है।

 41. **SL (Start Line):** यह एक काल्पनिक रेखा है। सामान्यतः यह FUP का अगला सिरा होता है जिसे लीडिंग ट्रूप्स द्वारा निश्चित किए गए समय (H-Hour) पर पार किया जाता है।

 42. **H-Hour:** यह ऑपरेशन शुरू होने के समय को कहते हैं। ऑपरेशन के तमाम दूसरे वक्त इसी के लिहाज से निर्धारित किए जाते हैं।

 43. **Covering Fire:** असॉल्ट या काउंटर अटैक करने वाले ट्रूप्स की मूवमेंट को मदद करने के लिए जो फायर सपोर्ट मिलता है, उसे कवरिंग फायर कहते हैं।

 44. **Assault Line:** FUP और ऑब्जेक्टिव के बीच वह लाइन जहां हमलावर फौज असॉल्ट फॉर्मेशन और क्लोज फायर सपोर्ट लेती है।

 45. **Mopping Up:** शत्रु की बची-खुची सेना का ऐसे इलाके में सफाया करना जिसे घेर लिया गया हो या पीछे छोड़ दिया गया हो।

 46. **Re-org (Re-organisation):** हमले के तुरंत बाद ट्रूप्स अपनी कैजुअल्टी और सामान की कमी को पूरा करते हैं और अगली कार्रवाई या दुश्मन के काउंटर अटैक का सामना करने के लिए खुद को दोबारा तैयार करते हैं। यह दो प्रकार का होता है:

   (a) **Immediate Re-org:** हमले के तुरंत बाद की जाने वाली प्रक्रिया (जैसे कमांड हासिल करना, रिपोर्ट देना, प्राथमिक उपचार आदि)।

   (b) **Final Re-org:** हमले के बाद जब पीछे का इकोलन (Echelon) पहुँच जाता है, तब पूरी बटालियन का एक साथ पुनर्गठन होता है।

 47. **Exploitation:** यह युद्ध में प्राप्त सफलता का लाभ उठाना और शुरुआती बढ़त को ग्रहण करना है। यह एक अवसरवादी कार्यवाही है, जिसमें आक्रामक सेना अपने मूल कार्य के आगे या नजदीकी प्रभावशाली जमीन (Dominating Ground) पर कब्जा करती है।

#### **संक्षेप**

 48. आपने इस पाठ के दौरान कुछ सैन्य टैक्टिकल शब्दों के बारे में जानकारी प्राप्त की है। एक जूनियर लीडर होने के नाते, जब आप इन्हें स्वयं समझकर अपने जवानों को समझाएंगे, तो आप किसी भी अभियान में सही समय पर सफलता प्राप्त कर पाएंगे।


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